दोस्त की सेक्सी बीबी सना की प्यासी चूत

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल है। मै अरुणाचल प्रदेश में रहता हूँ। मेरी उम्र 32 साल है। मेरे लंड की साइज़ 6 इंच है। देखनें मे मै सुन्दर सभ्य और सुशील लगता हूँ। मेरे अंदर बैठा सेक्स का जानवर जब भी जागता है तो काफी देर तक चुदाई करने के बाद ही शांत होता है। मै शादी शुदा व्यक्ति हूँ। मेरी बीबी बहोत ही गजब की माल दिखती है। उसके बड़े बड़े चूचो को पीने में बहोत मजा आता है। वही एक चूत वही बूब्स को पी के मै पूरी तरह से बोर हो चुका था। फ्रेंड्स बीबी कितनी भी अच्ची क्यूँ न हो! उसकी चूत कुछ दिन बाद पुरानी लगने लगती है। इसी तरह मेरी बीबी भी मेरे को पुरानी लगने लगी थी। मेरे को एक नई चूत की तलाश थी।

मेरा एक दोस्त था। जिसका नाम मेराज है उसकी बीबी बहुत ही लाजवाब है देखने में एकदम कट्टो माल दिखती है उसकी अभी नई नई शादी हुई थी। उसकी बीवी का 36 32 34 का बदन देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मेरे को उसकी चूत चुदाई करनी थी। मै उसकी चूत के लिए तड़प रहा था। उसका नाम सना था। मेरे को बहुत लाइन देती थी। मैं उसके घर अक्सर जाने जाने लगा। मेरे को बस उसके हां कहने की देरी थी। कुछ दिन तक मैं उसके घर आया गया। सना भी मेरे से चुदना चाहती थी। मै उसके रसमलाई जैसे बदन का रस निचोड़ कर पीना चाहता था। लेकिन ये मौक़ा हाथ में आ ही नही रहा था। उसका छरहरा बदन देख कर मै दिनों दिन पागल होता जा रहा था। मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा होकर कड़ा हो जाता था। अपनी बीबी को चोद कर किसी तरह काम चला रहा था। कुछ काम की वजह से मै कही नही जा पाया। मेराज के घर गए मेरे को कई दिन हो चुके थे। एक दिन मेराज ने फ़ोन किया

मेराज: यार अनिल तू अब मेरे घर क्यों नही आ रहा है। तेरी भाभी सना तेरा रोज वेट करती है
मै: क्या बताऊं भाई घर पर कुछ काम ही ऐसा था कि नहीं सका
दूसरे दिन मै मेराज के घर पहुचा। उसकी बीबी सना मेरे को देखते ही गुलाब की तरह खिल उठा। वो मेरे को मेरे नाम से ही बुलाती थी। मै भी उसे देखकर बहोत खुश हुआ। मै सोफे पर बैठ कर मेराज का इंतजार कर रहा था। वो घर पर नहीं था। सना भी चाय पानी का इंतजाम कर रही थी। कुछ देर बाद वो चाय लेकर आ गयी। वो मेरे को चाय देने लगी। तभी मैंने उसके हाथ में कालापन देखा। उसका गोरता गोरा हाथ काला काला लग रहा था। मैं: सना जी आपका हाथ कैसे काला गया

सना: कुछ नहीं बस वैसे ही हो गया होगा
मेरे को वो चोट से काला लग रहा था। मैंने बार बार उससे पूछा।
मै: सच बताओ सना क्या हुआ था?
सना: क्या बताऊँ किसी से!
वो रोते हुए मेरे को सब बताने लगी। उसने बताया कि उसका अभी अभी थोड़ी देर पहले मेराज से झगड़ा हुआ था। वो मार कर कही बाहर गया हुआ था। वो रोने लगी। मैं उसके पास जाकर उसे चुप कराने लगा। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉटकॉम
सना: मेरी कोई गलती नहीं थी जो मेरी को इतनी बेरहमी से पीटा!
मै: कोई बात नहीं सबके बीच में ऐसा होता रहता है। इसमें ज्यादा घबराने की कोई बात नहीं है

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सना: क्या तुम दोनों लोग भी ऐसे लड़ते हो?
मै: नहीं मै तो अपनी बीबी को बहोत प्यार करता हूँ। वैसे तुम लोगो का झगड़ा किस बात पर हुआ था??
सना: क्या बताऊँ बात ही कुछ ऐसी है!
मै: बताओ पता नही मैं तुम्हारा कुछ हेल्प कर सकूं!
सना: 1 महीने से वो आते ही बिस्तर पर सो जाते हैं। मेरी तड़प को देखते भी नहीं!

मै: क्या तुम्हे वो संतुष्ट नहीं कर पाता है क्या??
सना: नहीं आज तक मैं उनके साथ सेक्स करके संतुष्ट नहीं हूँ
मै: तुमको कोई उपाय करके उनसे खुद को संतुष्ट करवा लेना चाहिए!
सना: जब भी मैं उन्हें डॉक्टर दिखाने चलने की बात करती हूँ तभी ऐसा होता है
मै: क्या तुमने डॉक्टर को दिखाने जाने की बात की थी तब तुमको उसने मारा है
सना अपना सर हिलाते हुए मेरे से चिपक गयी। मेरी गोद में अपना सर रखकर वो रो रही थी। मै उसके बालो को सहलाते हुए।
मैं: मत रो सना अब ठीक हो जाएगा! तुझे मै तड़पते हुए नहीं देखा सकता। आज के बाद अगर तू चाहे तो तेरे को तड़पना नहीं पड़ेगा
सना( खुश होते हुए): क्या बात कर रहे हो अनिल! मेरी तङप और कोई कैसे शांत कर सकता है
मै: मै कर सकता हूँ सना! अगर तुम्हारी अनुमति हो तो!

सना कुछ न बोलते हुए अपना सर नीचे किये हुए थी। मैं उसके गोरे बदन पर अपना हाथ जल्दी जल्दी उसके बदन पर फेरने लगा। वो मदमस्त होने लगी। उसकी साँसे तेज होने लगीं। मै भी मौके का फायदा उठा रहा था। आज इसी बहाने मेरे को सना को छूने के साथ और भी ज्यादा रोमांस करने का मौका मिला था। मैं अपने हाथ को उसके बदन के मसाज में लगा दिया। उसके काले हाथो को अपने हाथों में लेकर उस पर रखे दर्दनाशक तेल से मालिश करने लगा।

सना: काश आपके जैसा शौहर हर किसी को नसीब हो!
मै: मेरा तो ये फर्ज था की मैं आपके हाथ की मालिश कर दूं। वैसे भी तुम्हारी जैसी बीबी होती मेरी तो मैं दिन रात उसके साथ मजे लूटता
सना: तुम मेरे को एक अच्छे शौहर की तरह प्यार कर रहे हो तो मेरे को तुम अपनी बीबी जैसी ही समझो. 
मेरे को सना की ये बाते बहोत ही अच्छी लगी। मैंने सना को बाहों में भर लिया। मेराज कही बाहर गया था उसके आने जाने का कोई पता नहीं था। मैंने उसको फोन किया तो वो काफी देर बाद आने को बोल रहा था।

मेरे को सना के साथ सेक्स करने का मौका मिल गया। मै भला इतना अच्छा मौका अपने हाथ से क्यूँ निकलने देता। मैंने सना को अपनी गोद में बिठाकर प्यार करने लगा। मेरे साथ सेक्स करने के लिए सना भी राजी थी। मै सबसे पहले उसके गुलाबी होंठो से खेलना शुरू किया। उसने उस दिन लाल रंग की सलवार और समीज पहन रखी थी। उसकी जवानी का मजा तो आज मैं लूटने वाला था। शादी के बाद आज पहली बार मेरे को नयी चूत मिलने वाली थी। मैं उसके होंठो पर किस करने लगा। सेक्स की बारे में वो भी एक्सपीरियंस्ड थी। उसे भी सब कुछ पता था। हम दोनों एक दूसरे के सागच फ़्रेंच किस र्कर रहे थे। बारी बारी एक दूसरे का होंठ चूस कर साथ दे रहे थे।

उसकी 32 इंच की कमर को दबाते ही वो “……अई…अई….अ ई……अई….इसस्स्स्स्…… .उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारियां भरने लगी। मैं उसके बदन को दबाने में बहोत ही मजा आ रहा था। रबड़ की तरह उसका मुलायम बदन बहोत ही रोमांचक लग रहा था। मैंने उसके गले को किस करते हुए उसके समीज को ऊपर उठाने लगा। समीज को निकालते ही वो ब्रा में हो गयी। उसके गोरे गोरे चमकदार मम्मे काली काली ब्रा में बहोत ही ज्यादा जबरदस्त और आकर्षक लग रहे थे। मै उसके दूध को अपने हाथों में लेकर खेलने लगा। वो भी गर्म होने लगी। मेरे से उसके दूध को देखकर रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी ब्रा को निकाल कर फेंक दिया। उसके मम्मो को पकड़कर जोर से दाबते हुए उसका निप्पल अपने मुह में भर लिया।

उसके चूंचो को कस कर पीने लगा। वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज सुसुक सुसुक कर निकाल रही थी। मैं भी मजे लेने में व्यस्त था। कुछ देर बाद मैंने उसके दूध को छोड़कर अपना पैंट निकालने लगा। वो जल्दी से जाकर दरवाजा बंद कर दी। मेरे को अपने बिस्तर पर ले गयी। आज मेरे को उसने अपने शौहर मेराज की जगह दे दी।
मै: सना आज तुम मेरे लंड को अच्छी तरह से चूसो!
सना: पहले दिखाओ तो अपना लंड!

मै अपना अंडरबियर सहित पैंट को निकाल दिया। वो मेरे लंड को देखकर चौक गयी। जल्दी से मेरे लंड को झपट्टे मार कर पकड़ ली। मेरा लंड उसके हाथ के स्पर्श से और भी मोटा होता जा रहा था। सना मेरे लंड को सहलाते हुए खेल रही थी। मैं उसके होंठो से अपना लंड स्पर्श कराने लगा। वो अपने मुह को खोलकर मेरा पूरा लंड अपने मुह में लेने की कोशिश करने लगी। लेकिन मेरा बड़ा मोटा लंड थोड़ा सा हो उसके मुह में गया। वो उतने भाग को चूस कर बाकी भाग को चाट रही थी। मेरे को लंड चुसाने में सबसे ज्यादा मजा आता है। मैने लंड चुसाने के बाद सना को बिस्तर पर लिटा दिया। उसके सलवार का नाडा खोल कर पैंटी सहित बाहर कर दिया। वो मेरे सामने अपनी चूत को खोले हुए लेटी थी। मै उसके चूत का दर्शन करके अपनी बीबी की चूत की तरह चाटने लगा।

रस भरी चूत पीने में बड़ा ही आनंद आ रहा था। उसकी चूत से कुछ ही देर में रस बहने लगा। मैंने उसके रस को चाटकर उसकी चूत के दाने को काटकर “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ…. आहा …हा हा हा” की सिसकारी निकलवा दी। वह अपनी गांड उठा उठा कर चूत चटवा रही थी। कुछ देर तक चूत को चाटने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया। उसकी चूत लाल लाल हो चुकी थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद से लगा कर जोर से धक्का मारा। मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। वह जोर जोर से “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की चीखें निकालने लगी। मैं भी उसकी चीखों को सुनकर और जोर-जोर से अपना लंड पेलना शुरू किया उसकी चूत मेरा पूरा लंड खा रही थी। मेरा लंड बहुत ही टाइट हो चुका था। मैं जड़ तक अपने लंड को पेल कर सना को संतुष्ट कर रहा था। वह मेरे जैसा मोटा लंड पाकर संतुष्ट लग रही थी।

मै: सना मुझसे चुदवा कर तुझे कैसा लग रहा है
सना: काश मैं तुम्हारे लंड से रोज खेल पाती लेकिन मेरी तो किस्मत ही खराब है जो मेरे को उसका दुबला पतला लंड मिला है
मैं: ठीक है सना! तुम मौका पाकर मेरे लंड से खेल सकती हो

सना काफी जोश में लग रही थी। वह जोर जोर से अपनी गांड को ऊपर उठा उठा कर मेरा पूरा लंड चूत में खा रही थी। मैं उस की जोरदार चुदाई कर रहा था। उसकी बची-खुची टाइट चूत को आज मैंने पूरी तरह से फाड़ दिया। सना मेरा भरपूर साथ दे रही थी। आज तो चुदाई का मजा ही डबल हो गया था। हम दोनों काफी जोश में लग रहे थे। धीरे धीरे हम दोनों की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। सना जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ चुद रही थी। मैं कमर उठा उठा कर पेल कर थक चुका था। मैंने अपनी सेक्स पोजीशन को बदला।

मैंने उसकी एक टांग को उठाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। अब मैं घुसुक घुसुक कर उस की चुदाई करने लगा। वह मेरे लंड को पूरा अंदर ले रही थी। जोरदार की चुदाई को सना की चूत सहन न कर सकी। वो झड़ने की स्थिति में पहुंच गई। वह जोर से चोदो! मेरे को और जोर से चोदो! की जोशीली आवाजे निकालने लगी। उसकी आवाज को सुनकर मैं और भी ज्यादा तेजी से अपना लंड उसकी चूत को खिलाने लगा। 

सना(अपनी चूत पर हाथ मसलते हुए): मेरी जान मुझे और जोर से चोद कर संतुष्ट कर दो। फाड़ डालो मेरी चूत!
मै(स्पीड बढ़ाते हुए): ले खा साली मेरा लंड! आज तेरी चूत का भर्ता लगाता हूँ

सना कुछ ही देर में अपना पानी निकाल दी। मेरा लंड भी झड़ने की अवस्था में आने ही वाला था। मै सना की चूत में ही कुछ देर बाद स्खलित हो गया।
सना: अब जा के मेरी चूत की खुजली मिटी हैं
मै: तेरी खुजली को मैं हर दिन मिटा सकता हूँ। बस तेरे को मौक़ा निकालना होगा
तब से लेकर अब तक सना मौक़ा पाते ही मुझसे चुदवा लेती है। इस तरह से दोस्त के घर पर ही चूत का इंतजाम हो गया। 

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