सुनसान सड़क पर भाभी ने पहले लिफ्ट फिर चूत दी

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मेरा नाम अविनाश हे और आज मैं आप लोगों के लिए एक मस्त देसी चुदाई की कहानी ले के आया हूँ. दोस्तों मुझे जवान चूत से ज्यादा मजा मच्योर आंटियों और भाभियों को चोदने में आता हे. मैं नागपुर का हूँ और मेरी उम्र 23 साल हे. मैं यहाँ पर पढाई करता हूँ और एक कमरा रेंट पर ले के रहता हूँ. साथ में मैं अपने खर्चे निकालने के लिए वीकेंड में पिज्जा की एक शॉप में जॉब भी करता हूँ. बात कुछ 2 महीने पहले की हे, 19 जनवरी की रात की. मैं अपने एक दोस्त की बर्थ डे पर गया हुआ था. उसकी बर्थ डे के लिए ही मैंने काम पर से भी छुट्टी ले ली थी. सन्डे के दिन सब दोस्तों ने फुल एन्जॉय किया और फिर रात को मैं अपने कमरे पर जाने के लिए निकल गया. लेट होने की वजह से बस नहीं मिली तो मैंने सोचा की बहार मेन रोड तक पैदल ही चल लेता हूँ. मैं चल रहा था सुनसान सडक के ऊपर. तभी पीछे से कार की लाईट दिखी. मैंने हाथ कर के लिफ्ट मांगी तो कार रुक गई. एक औरत कार ड्राइव कर रही थी जो दिखने में ब्यूटीफुल थी. मैंने उस से लिफ्ट के लिए पूछा तो उसने कहा बैठ जाओ. मैं बगल वाली सिट में बैठ गया.

कार चलाते हुए ही उसने मेरा नाम पूछा. मैंने बताया और फिर उसने कहा की तुम क्या करते हो? तो मैंने बताया की मैं फिलहाल स्टूडेंट हूँ और पार्ट टाइम जॉब भी करता हूँ. उसने मुझे अजीब नजरों से देखा. और फिर वो बोली, कितना कमा लेते हो जॉब कर के? मैंने कहा बस थोडा बहुत कमा लेता हु जिस से मेरा अपना खर्चा निकाल सकूँ. वो बोली, एक्स्ट्रा पैसे कमाना चाहते हो? मैंने फट से हाँ कह दिया तो वो बोली, चलो मेरे साथ. मैंने एक पल के लिए सोचा की जाऊं या नहीं! फिर मैंने कहा हां चलो. वो गाड़ी को अपने फ्लेट पर ले गई. बहार कम रौशनी थी. वो बोली पहले कमरे में मेरी 5 साल की बेटी सोयी रहती हे इसलिए वहां से चुप से निकल जाना वो देखें नहीं तुम्हे. मैंने कहा और सर? वो बोली, वो दुबई में जॉब करते हे और अभी वही पर हे.

मैं दबे पाँव उसके पीछे घुसा. उसने मुझे जो कमरा दूर से दिखाया मैं वहां पर अन्दर चला गया. वो अपनी बेटी को देख के आई और बोली, ठंडा लोगे या गरम? मैंने कहा कोफ़ी ही ले आइये. उसने कोफ़ी पिलाई. फिर मैने उस से कहा, आप किस काम के लिए कह रही थी मेडम? वो खड़ी हो के मेरे पास आ गई और बोली आज रात को तुम मेरी प्यास बुझादो उसके बदले में मैं तुम्हे पैसे दूंगी! मैं एकदम शोक हो गया क्यूंकि मैंने अब तक ऐसा सिर्फ कहानियों में ही पढ़ा था. कोई औरत सामने से चुदने को इच्छुक होती हे ये मुझे थोडा ओड लगता था. पर मैंने अपना होश संभाले रखा. वो मुझे अपनी तरफ खिंच के मेरे लिप्स के ऊपर किस करने लगी. उसके मुहं से शराब की स्मेल आ रही थी. लेकिन वो वैसे नशे में हो ऐसे नहीं लग रहा था. शायद उसने माइल्ड ड्रिंक किया हुआ था. उसने मेरे होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा दिया. मैंने भी उसके बूब्स को दबाते हुए उसे किस करने लगा.

15 मिनिट तक किस करने के बाद फिर हम थोड़े अलग हुए. वो मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपने बेडरूम में ले गई. उसने जल्दी से अपनी साडी उतार दी और सिर्फ पेटीकोट में आ गई. मैंने उसे खिंचा और बेड पर लिटा दिया और फिर वो बोली, आज मुझे खुश करदो मेरी प्यास को बुझा दो. मैंने कहा आप का दिन आज ऐसा जाएगा की आप अपनी लाइफ में उसे भूलेंगी नहीं. मैंने उनका ब्लाउस और ब्रा को खोला. और फिर मैं उनके निपल्स को अपने मुहं में भर के चूसने लगा. और एक हाथ से मैं बूब्स को भी मसल रहा था. वो आह्ह्ह अह्ह्ह उम्म्म्म ह्म्म्म करने लगी थी.

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और फिर मैं धीरे धीरे करते हुए निचे की तरफ बढ़ गया. और फिर मैंने उसके पेट के ऊपर किस कर दिया. उसका पेट मस्त ऊपर निचे हो रहा था जिसे देख के मेरा लंड भी एकदम उत्तेजित हो रहा था. फिर मैंने धीरे से उसके नावेल बटन यानी की नाभि (डूंटी) के हिस्से के ऊपर अपने होंठो को लगा दिया. ये हॉट भाभी सिहर उठी और उसके मुहं से एकदम चुदासी से भरे हुए साउंड निकलने लगे. मैंने और भी निचे की और हट के अब हलके से उसके चूत के ऊपर अपने होंठो को लगा दिया. वो एकदम से सेक्सी आवाज कर के बोली, अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह!

मैंने चूत के ऊपर जीभ को एकदम से घिसना चालू कर दिया. शायद उसने एकाद हफ्ते पहले ही झांट बनाई थी. हलके हलके से उगे हुए बाल मेरी जबान के अंदर काँटों के जैसे चुभ रहे थे. उसकी चूत से एकदम रिच औरतों में आती हे ऐसी खुसबू थी और वो चूत एकदम साफ़ दिख रही थी. मैंने अपनी उँगलियों से चूत को पकड़ लिया और उसके ऊपर वही मस्ती से किस करने लगा. फिर मैंने धीरे से अपनी जीभ को उसके पुसी होल में डाल दी और जबान से उसकी चूत को चोदने लगा. भाभी की हालत एकदम खराब हो गई थी. कुछ देर पहले उसने कहा था की देखना मेरी बेटी न उठ जाए. और अब मुझे डर था की कही इस चुदासी भाभी के आवाज से ही उसकी बेटी की नींद ना खुल जाए! फिर भाभी ने मेरे माथे को अपने बुर पर दबाया, मैं समझ गया की उसका सावन भादों होने को था. मैंने और भी सेक्सी ढंग से चूत को चाटा. अगले ही मिनिट उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया जिसका नमकीन स्वाद मेरे मुहं में आ गया. मैं उसकी चूत को एकदम चाट के साफ़ कर गया.

फिर मैंने उसको अपनी तरफ खिंच के कहा चलो अब तुम मेरे लंड को चुसो. भाभी ने एकदम से मेरा लंड अपने मुहं में भर दिया और चूसने लगी. वो किसी पोर्नस्टार के जैसे एकदम सेक्सी ढंग से लंड को चूस रही थी. उसके इस कोक सकिंग का मजा इतना हॉट था की मैं खुद को सातवें आसमान पर महसूस कर रहा था. वो पूरा लंड एकदम से मुहं में भर लेती थी और फिर अपनी जबान को एकदम हॉट ढंग से उसके ऊपर घुमाती थी और फिर लंड को बहार निकाल के हिलाती थी. फिर मैंने उसके मुहं से अपना लंड निकाला और उसकी चूत पर टिका दिया और एक जोरदार धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया. वो चिल्ला पड़ी अरे धीरे से करो, मार डालोगे क्या! मैंने काफी दिनों से सेक्स नहीं किया हे! फिर मैं धीरे धीरे से अपना लंड चूत के अंदर बहार करने लगा और एक जोरदार धक्के से मैंने पुरे लंड को उसकी चूत में पेल दिया. वो जोर से चिल्ला पड़ी, अबे हरामी कुत्ते तेरे से समझने को नहीं होता हे क्या, साले चूत फाड़ दी मेरी!

मैंने उसको एक तमाचा लगा दिया, और मैंने कहा चुप साली रंडी ले चुपचाप लौड़े के मजे साली कब से चब चब कर रही हे छिनाल.

मेरे तमाचे से उसके होंठो की साइड में खून निकल आया. पर वो अब अपनी गांड को हिला के मेरे पेनिस के मजे लुटने लगी थी.

मैंने जोर जोर के धक्के लगा के इस चुदासी भाभी को चोदने लगा. वो भी गांड मसल के मेरे लंड के मजे लुटने में लगी हुई थी. और 4 मिनिट की दमदार चुदाई में ही वो झड़ गई. उसके चूत का रस मेरे लंड पर आ निकला. पर मेरा तो अभी बाकी ही था इसलिए मैं उसे चोदता रहा. फिर मैंने उसकी गांड पकड ली और उसे जोर जोर से ठोकने लगा. 5 मिनिट की चुदाई के बाद मेरा भी होने को था. तो मैंने उसे कहा मेरे लंड का पानी निकलने वाला हे कहाँ निकालूं. तो वो बोली एककरो मेरी चूत के अंदर ही निकाल दो उसके अन्दर काफी दिनों से आग लगी हुई हे. मैंने अपने लंड की महंगे प्रवाही की एक एक बूंद को उसकी चूत में निकाली और फिर मैं उसके बूब्स को चूसने लगा. अभी भी मैं उसके ऊपर ही लेटा हुआ था.

एक मिनिट के बाद वो बोली, चलो अब हम 69 करते हे. मैंने कहा चलो. हम दोनों एक दुसरे के सेक्सी अंगो को चाटने लगे मस्त पोजीशन बना के. मैं उसकी चूत को मस्त चूस रहा था और उसने मेरा लंड मुहं में लिया हुआ था. करीब 5 मिनिट के अन्दर तो उसके लंड के अंदर फिर से आग लगा दी. मैंने कहा, भाभी मुझे अब गांड मारनी हे.

वो बोली लेकिन मैंने कभी भी पीछे लंड नहीं लिया हे.

मैंने कहा, वैसे तो मैंने भी किसी की गांड नहीं मारी हे. लेकिन तुम्हारी बड़ी मटकती गांड देख के मेरा मन हो गया हे.

वो बोली, अगर दर्द हुआ तो नहीं करेंगे.

मैने कहा, पहले पहले तो दर्द होगा लेकिन मैंने सुना हे की बाद में बहुत मजे आते हे.

वो अपनी गांड मेरी तरफ कर के घोड़ी बन गई. मैंने पहले एक ऊँगली से उसकी गांड को हिलाई. ऊँगली थोड़े प्रयास करने पर गांड में घुस गई. वो हिल रही थी और उसे दर्द भी हो रहा था. इस हॉट भाभी की गांड एकदम गर्म और टाईट थी. मैंने फिर दूसरी ऊँगली को धीरे से अंदर की. अब वो दर्द से छटपटा सी गई. मैंने दूसरी ऊँगली अन्दर कर के एक मिनिट तक ऐसे ही रहने दी. और अपने थम्ब यानी की अंगूठे को उसकी चूत पर घिसने लगा. वो मस्ती में आ गई तो मैंने गांड के अन्दर उंगलिया हिलाई. वो ऊई उईइ अह्ह्ह्ह आह कर रही थी. मैं कुछ देर तक उसकी गांड को ऊँगली से हिलाई और फिर लंड की नौक पर थूंक लगा दिया. उसने अपनी गांड को दोनों हाथ ससे फाड़ दी. मैंने लंड को गांड पर रख के एक धक्का मारा.

भाभी रोने लगी अह्ह्ह्हह ऊह्ह्हह्ह माँ बहुत पेन हो रहा हे, प्लीज़ इसे निकालो जल्दी से.

मैंने उसके मुहं को बंध कर दिया अपने हाथ से और बोला, तेरी बेटी देख लेगी तुझे गांड मरवाते हुए चुप कर छिनाल.

वो चुप कर गई और मैं धीरे धीरे से गांड को चोदना चालू कर दिया. एक मिनिट में वो भी सेट हो गई. और वो भी अपने कुल्हे हिलाने लगी.

10 मिनिट की गांड चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य अन्दर ही निकाला. फिर लंड बहार निकाल के उसके बूब्स पर घिस के साफ़ कर लिया. वो थक के लेट गई और मैंने उसके ऊपर चढ़ के उसके बूब्स को चूसने लगा. पता नहीं कब नींद लग गई. सुबह होने को थी तब मेरी नींद खुली. वो नंगी ही पड़ी हुई थी बेड में. मैंने उसकी चूत को देखा तो पूरी रात उसके अन्दर से वीर्य की बुँदे निकल निकल के सुख गई थी. मैंने उसकी चूत को फिर से चाटी.वो उठ गई और उसने मेरे माथे को चूत पर दबा दिया. सूरज के निकलने से पहले एक बार फिर से उसको चोद दिया मैंने.

फिर मैं उसके घर ही नाहा के निकलने को था. उसने मुझे दो हजार का नोट दिया. तो मैंने कहा, नहीं पैसे नहीं चाहिए मुझे आप ने जो दिया वो बहुत था.

वो बोली अरे ले लो मेरा पति बहुत कमाता हे गल्फ में.

मैंने जेब में पैसे रखते हुए कहा, रात को आप को मारा तो खून आ गया था आई एम् सोरी!

वो बोली, सच कहूँ तो तुमने मुझे मारा तो मुझे लगा की तुम अपने ही हो! आज भी नागपुर वाली ये चुदासी भाभी मेरे लंड की गुलाम हे. अभी तो उसका पति आया हे डेढ़ महीने की छुट्टी पर इसलिए हम नहीं मिल रहे हे. वरना अक्सर सेटरडे की शाम को वो मुझे बुला लेती हे.

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