किस्मत बदलते देर नहीं लगती

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हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो तुम सब और क्या हाल चाल है तुमाहरा | मेरा नाम है सीनू और मैं एक अच्छे घर से बिलकुल नहीं हूँ | मेरे घर में सट्टा दारु और गैरकानूनी काम बहुत होते हैं | लेकिन वो कहते हैं न जैसे कीचड़ में कमाल खिलता है और कोयले की खान से हीरा निकलता है वैसे ही मैं भी हूँ | एक शुद्ध शरीफ और शाकाहारी लड़का हूँ | मुझे किसी भी गन्दी चीज़ का शौक नहीं यहाँ तक कि मैं दारु में भी पानी मिला के पीता हूँ | और गालियाँ तो बहनचोद में कभी देता ही नहीं | मटन मुर्गा तो मैंने कभी देखा नहीं बस खाया है | तो दोस्तों ये है मेरी दास्ताँ बस एक चीज़ है जिससे मैं हमेशा ड़ूर रहता हूँ और वो है चूत | जी हाँ दोस्तों चूत ही एक ऐसी चीज़ है जिससे मैं दूर रहता हूँ | मेरा ऐसा सोचना है कि अगर मैं चूत के सम्पर्क में आया तो मेरा बुरा समय शुरू हो जाएगा | और शायद इसलिए भी क्यूंकि इसको चोदने के बाद कोई अपने काम में मन नहीं लगा सकता | इसलिए जितना हो सकता है मैं इस चीज़ से बचता हूँ |

मुझे दोस्तों कभी किसी लड़की से बात करने का मन नहीं किया ऐसा इसलिए नहीं कि मैं मीठा हूँ पर ऐसा इसलिए क्यूंकि अगर मेरे बाप को पता चल जाता तो वो मुझे गांड में गोली मार देता | फिर मैं कहीं लावारिस की तरह पड़ा रहता | ये सबसे बड़ा कारन है उस चीज़ का वरना मन तो मेरा बहुत होता है चुदाई करने का किसी गोरी चिट्टी लड़की की चूत चाटने का | उसके बड़े बड़े दूध पीने का और उसकी गांड में ऊँगली डालने का इन सब का मन मेरा बहुत होता है | पर दोस्तों अब आप ही बताओ ऐसे ज़ालिम बाप के चक्कर में मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ | कभी कभी तो मुझे लगता है मुझे बाजू वाले दुकानदार के यहाँ पैदा होना चाहिए था कम से कम सामान चाची तो मिलती जो नंगी नहाती है | हाँ उस लड़के की चाची नंगी नहाती है और मैंने उसपे कई बार अपना मुट्ठ गिराया है पर वो कभी समझ नहीं पायी | खैर मुझे उससे क्या लेना देना मुझे तो दर्शन हो जाते थे भले ही वो 32 साल की थी पर उसका बदन कातिल था | मेरे पास बस यही एक जरिया था जिसकी बदौलत मैं अपने लंड को काबू में रख पाटा था |

एक बार तो मैंने एक शादीशुदा महिला को अपने जाल में ले ही लिया था पर फिर मुझे याद आया मेरे बाप का प्रचंड रूप और मेरी गांड फट गयी और मैं उलटे पैर वापस लौट गया | मैंने सोचा क्या मतलब है साला एक शादी शुदा औरत को पटाने से इससे अच्छा मैं एक लड़की को पटा लूँगा अगर बाप मान गया तो कम से कम शादी तो हो जाएगी | इसलिए मैंने लड़की देखना शुरू किया पर साली लडकियां भी आजकल की बहुत मतलबी थी | उन्हें पैसे के अलावा कुछ दिखता ही नहीं था | मेरा बाप मुझे पैसे देता था और अच्छे खासे पैसे देता था तभी तो मैं एक ऑडी में घूमता था पर मुझे मेरे बाप का पैसा किसी लड़की पर उडाना गंवारा नहीं था | इसलिए मैंने वो भी छोड़ दिया पर मुझे मेरे लंड के लिए कुछ तो करना था क्यूंकि चुल्ल ऐसी चीज़ है जो कहीं भी और कभी भी उठ जाती है | मेरे दिल और दिमाग में बस सेक्स भरा हुआ था पर मैं रंडी के बारे में नहीं सोच रहा था क्यूंकि उनकी फटी बुर में मज़ा नहीं आता |

मैंने सोचा अब तो बेटा कोई लड़की अगर सामने से आएगी और अगर उसमे ज़माने के सामने ये कहने की दम होगी कि मैं इससे प्यार करती हूँ | तभी मैं अपने लंड की प्यास बुझाऊंगा और उसकी चूत को अपना हमसफ़र बना लूँगा | मैं बस इसी उम्मीद में हर दिन निकल पड़ता कि शायद कोई मिल जाए कोई बड़ी सी डिक्की वाली | पर मैं हर दिन निराश लौट आता और अगले दिन फिर से इस उम्मीद में उठ के निकल जाता कि भगवान् ने शायद मेरे लिए कुछ सोचा होगा | पर हो कुछ भी नहीं हो रहा था और मैंने एक दिन मन बना लिया कि मैं भी अपने बाप के काम में उसका हाथ बताने लग जाऊँगा अगर आज कुछ नहीं हुआ तो | मैं निकल पड़ा पर शायद किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था | मैंने अपना काम किया और जैसे ही शाम को वापस आया तो उदास होते हुए अपने बाप से कहा बापू आज से तेरा बेटा तेरे साथ काम में उतरेगा | मेरे बाप के चेहरे पे चमक आ गयी और उसने कहा वाह मेरे शहर मैं तो तुझे निकम्मा समझता था और गले लगा लिया |

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अगले दिन उसने मुझसे कहा बेटा अपने खेत के पास एक मास्टर रहता है उससे पैसे लेके आना है अगर ना दे तो जो भी हो उसे उठा के ले आना मेरे पास | मैंने भी अपनी गाड़ी उठायी और निकल पड़ा मास्टर के घर के लिए | उसके घर जैसे ही पहुँचा तो देखा बेचारा बहुत गरीब था और उसके पास कुछ भी नहीं था | मेरे मन में दुःख सा पैदा हो गया पर बाप को दिया हुआ वादा पूरा करना था | मैं उसके घर में गया और उसको उठाया और कहा सुनो आपसे पैसे लेने है मैं बड़े ज़मींदार का बेटा हूँ | वो हाथ जोडके मेरे पैरों में गिर गया और उतने में उसकी बेटी निकल आई कहने लगी हमे कुछ दिन और दे दो | मैंने कहा नहीं दे सकता आज पैसे नहीं मिले तो कुछ उठा के ले जाना पड़ेगा | वो भीख मांगने लगा और उसकी बेटी भी काफी सुन्दर थी पर क्या करता मजबूर था | मैंने कहा तुमाहरी बेटी को ले जा रहा हूँ और वो रोने लगा जोर से और उसकी बेटी भी | मैंने उसको एक नोटों कि गड्डी दी और कहा जब कल औं तो यही पैसे दे देना बाप के सामने और आपकी बेटी मेरी अमानत है मर जाऊँगा पर इसे कुछ नहीं होने दूंगा |

पता नहीं क्या हुआ और वो अपने आप मेरे साथ आने लगी | मैं घर गया और बाप को सब बताया बाप ने कहा बेटा लेजा इसको कोठरी में डाल दे कल चलते हैं मास्टर के पास | मैं उसे कोठरी में ले गया और उससे कहा डरना मत मैं हूँ | रात को मैंने होटल से खाना मंगवाया और कोठरी कि तरफ चुपके से गया और उसके पास जाके बैठ गया और यहाँ वहां की बाते | उसका ना रेखा था और वो हस्ते हुए बोली आप जैसा नहीं देखा आज तक | मैंने कहा क्यूँ और वो मेरे गले लग गयी और कहा आपसे प्यार हो गया है जान दे सकती हूँ आपके लिए | मुझे भी ना जाने क्या हुआ और मेरे होंठ ना जाने कब उसके होंठों से चिपक गए और हम दोनों किस करने लगे पता ही नहीं चला | फिर मैं उसके दूध दबाने लगा और उसने भी कुछ नहीं कहा और वो भी मुझे सहलाने लगी | मैं उसके दूध दबाये जा रहा था और वो मेरी शर्ट उतार रही थी |

कुछ देर में हम दोनों नंगे हो गए और मैं उसके दूध पीने लगा | वो मेरे बालों को सहला रही थी और मैं उसकी चाटी को और दूध को चूम रहा था | हम दोनों नहीं जानते थे क्या हो रहा है | फिर मैं नीचे झुका और उसकी चूत चाटने लगा तो उसके मुंह से हलकी सिस्कारियां निकलने लगी | वो आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म कर रही थी | उसके साथ ही वो मेरे लंड को पकड़ के सहला रही थी और मैं उसकी चूत को चाटने में मस्त था | कुछ देर बाद उसका पानी निकल आया और मैंने सोचा अब चुदाई कर देता हूँ | मैंने उसकी चूत में अपना लंड घुसाया और थोडा ही गया और वो मचल गयी | मैं समझ गया हम दोनों का पहली बार है | फिर मैंने थोड़ी और ताकत लगाई और पूरा लंड अन्दर किया और वो चिल्लाना चाहती थी पर उसने काबू कर लिया | कुछ देर के दर्द के बाद हम दोनों मज़े से चुदाई करने लगे और वो आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊऊउह ऊऊउम्म्म्म करे हुए मज़े से चुदवाने लगी |

फिर मैंने उसको करीब दस मिनट तक ही चोदा था और मेरा माल उसी के अन्दर रह गया | मैं डर गया पर उसने कहा दरो मत अगर शादी नहीं करोगे तो भी इस बच्चे को तुमहरा नाम दूंगी और किसी मर्द की तरफ नहीं देखूंगी | मैंने उसे गले लगा लिया और कुछ देर हमने फिर से चुदाई की | सुबह हो गयी मेरे बाप ने मुझे बुलाया और एक थप्पड़ मारा और कहा मास्टर से कहना अब पैसे नहीं चाहिए बस उसकी बेटी चाहिए बहु के रूप में और मुझे और रेखा को गले लगा लिया और कहा बहु अब से ये घर और मेरा निकम्मा बेटा तुमाहरा |

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